CHAPTERWISE NCERT NOTES POLITY CLASS 6 CHAPTER 2 FOR UPSC
( Polity) राजनीति शास्त्र
(class 6)
अध्याय 2 (chapter -2)
विविधता एवं भेदभाव
कई बार हम अपने पूर्वाग्रह और रूढ़िबद्ध धारणाओं के चलते विविधता को आधार बनाकर आपस में भेदभाव करने लगते हैं अर्थात् जब कोई भाषा रंग धर्म आदि में हमसे भिन्न होता है तो हम उससे मिले बिना ही कुछ धारणाएं अपने मन में गुथने लगते हैं और फिर उन्हीं धारणाओं के चलते हमारे व्यवहार उनके प्रति कटु हो जाता है जो समाज में भेदभाव का रूप लेता है|
हमारे समाज में कुछ खास जरूरतो वाले बच्चे हैं जिन्हें देखकर लोग पहले ही धारणा बना लेते हैं जैसे क्या उसका दिमाग सही होगा ? वह दूसरों से कितना अलग है ,वह सही से चल नहीं पाती है, जरूर पढ़ाई में भी कितनी कमजोर होगी इस तरह की धारणा मस्तिष्क में घर बनाने के बाद हमेशा उन बच्चों को हीन दृष्टि से ही देखते हैं जो उन बच्चों के प्रति समाज में भेदभाव लाते हैं|
समाज में के लड़के और लड़कियों में कई तरह से भेदभाव किया जाता है कुछ धारणाएं लोगों के दिमाग में इस तरह अवशोषित हो चुकी है कि उनके चलते किसी लड़के या लड़की को वह कार्य करने की इजाजत नहीं मिलती जिसकी योग्य वह है|
बचपन मै कभी चोट लग जाने पर एक लड़के को माता-पिता तथा अन्य सदस्य बोलते हैं कि रो मत तुम लड़के हो लड़के बहादुर होते हैं रोते नहीं हैं जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है उसके मन में यह धारणा बन जाती है कि लड़के रोते नहीं है यहां तक की अगर किसी लड़की को रोना आए तो भी वह अपने आप को रोक लेता है की रोना कमजोरी की निशानी है हालांकि लड़का और लड़की दोनों को कभी कभी रोने का मन होता है खासकर जब गुस्सा आए या दर्द हो|
भेदभाव कई कारणों से हो सकता है किसी का धर्म अलग होना विविधता का एक पहलू है पर या भेदभाव का कारण भी बन सकता है ऐसा तब होता है जब लोग अपने से भिन्न प्रथाओं और रिवाजों को निम्न कोटि का मानते हैं आर्थिक स्थिति की बात करें तो आर्थिक पृष्ठभूमि विविधता का पहलू नहीं है यह तो असमानता है|
कुछ लोगों को विविधता और असमानता पर आधारित दोनों तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है ऐसेदोहरे भेदभाव का सामना कई जनजातीय लोगों को करना पड़ता है अपनी जीविका चलाने के लिए लोग अलग-अलग तरह के काम करते हैं जैसे -पढ़ाना, बर्तन साफ करना ,मछली पकड़ना , खेती इत्यादि लेकिन कुछ कामों को दूसरों के मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है सफाई करना ,कपड़े धोना ,बाल काटना ,कचरा उठाना जैसे कामों को समाज में कम महत्व का माना जाता है इसलिए जो इन कामों को करते हैं उनको गंदा और अपवित्र माना जाता है या जाति व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू है|
इसलिए हमारे समाज में उपरोक्त भेदभाव को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं विविधता की इज्जत करना उसे मूल्यवान मानना समानता सुनिश्चित करने में बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है इसके लिए कुछ प्रावधान हमारे संविधान में भी दिए गए हैं|
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दलित -दलित शब्द का मतलब जिन्हें दबाया गया या कुछ चला गया है दलितों के अनुसार यह शब्द दर्शाता है कि कैसे सामाजिक पूर्वाग्रहों और भेदभाव ने दलितों को दबा कर रखा है दलित समुदाय अछूत सबसे ज्यादा पसंद दलित शब्द को करते हैं|
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